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PMKVY : तो क्या ऐसे होगा PM Modi का सपना साकार ?

गुजरात के मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी ने जब भारत के प्रधानमंत्री का पद संभाला तो उन्होंने देश से बेरोजगारी हटाना भृष्टाचार मिटाना, नारी सम्मान, उच्च शिक्षा,बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आदि जैसी कई योजनाएं देश हित के लिए जारी कीं l 

सरकार ने लोगों के Skill Development और उनको हर क्षेत्र में जागरूक बनाने के लिए Skill India Program जिसका नाम है Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana शुरू किया है। इस Scheme की शुरुआत 16 जुलाई 2015 हुई थी। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को PMKVY के नाम से भी जाना जाता है। पी एम के वी वाई के उद्देश्य PMKVY Skill Development Scheme Objectives प्रमाण पात्र के प्रक्रिया में माननीकरण को प्रोत्साहन देना।

देश के युवाओं को इस योजना के अंतर्गत सही कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना ताकि वो अपने पैरों में खड़े हो सकें और उद्यमी के रूप में आगे बढ़ें। साथ ही इस योजना की मदद से कौशल पाठ्यक्रम को सफलता पूर्वक पूर्ण करने वाले लोगों को मौद्रिक पुरस्कार प्रदान करना।

पी एम के वी वाई के लक्ष्य Aim of PMKVY Skill Development Scheme वर्ष 2016-2020 के अन्दर 1 करोड़ से भी ज्यादा युवाओं को कौशल विकास करना। इस योजना को सफल बनाने के लिए सरकार 120 अरब रूपए की लागत लगाने वाली है।

लेकिन बुंदेलखंड न्यूज़/ बुंदेलखंड कनेक्ट की टीम ने जब pmkvy के बुंदेलखंड स्थित कई सेंटरों पर स्ट्रिंग आपरेशन किया तो स्थिति बिलकुल पलटी नज़र आई l जब सेंटरों पर जाकर देखा तो सेंटर मालिक नहीं मिले l

विद्यार्थियों के बैच में सिर्फ 3 से 8 विद्यार्थी ही उपस्थित थे किन्तु कई विद्यार्थियों की उपस्थिति शीट पर उपस्थिति दर्ज मिली , जबकि कुछ-एक छात्रों की उपस्थिति एडवांस में ही अगले कई दिनों की दर्ज मिली l

ट्रेनिंग के समय उपयोग किये जाने वाले यंत्रों की कमियां भी सेंटर्स पर पाई गईं l ट्रेनिंग लेने वाले छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली सुविधा जैसी खुली ठंडी कूलर आदि की हवा पीने का ठंडा पानी आदि की भी कई जगह कमी मिली l

इसके साथ-साथ कई सेंटर्स पर स्टाफ की भी कमी पाई गई l साफ़-सफाई के लिए चपरासी नहीं होते तो कई जगह 3 बैच के 90 छात्रों पर मात्र 1 अध्यापक ही मिला l और तो और कई सेंटर्स पर स्टाफ के नाम पर 6 से 7 लोगों का नाम दर्ज है किन्तु स्टाफ में सिर्फ 2 या 3 लोग ही पाए गए, जबकि उपस्थिति पंजिका पर सभी 6 से 7 स्टाफ मेंबर्स की उपस्थिति दर्ज हो रही l

साथ ही स्ट्रिंग आपरेशन में एक ऐसा वाकया सामने आया कि अगर कोई सेंटर मालिक अगर अपने किसी स्टाफ को हटाना चाहता है तो उसके ऊपर छात्राओं के साथ अश्लीलता और बदचलनी का आरोप लगाकर तथा पुलिस को दे देने कि धमकी देकर उसे बिना तनख्वा दिए निकाल दिए जाने के भी मामले देखने को मिल रहे हैं l

खास बात तो यह देखने को मिल रही है कि रु० 1450 /- वजीफा के लालच में और अपनी गिनती बढ़ाने के लिए बी.ए. और बीएससी तथा एसएससी की कोचिंग लेने वाले छात्र छात्राओं के भी एडमिशन शार्ट टर्म कोर्स के लिए करवा दिए गए हैं l

इस सबसे तो सिर्फ ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री की योजनाओं को धत्ता बताते हुए सिर्फ सरकारी धन का दुरूपयोग हो रहा है जबकि इस ट्रेनिंग के बाद सभी ट्रेनीज को नौकरी या रोजगार मिलना आवश्यक है l

अब देखना है कि कितने ट्रेनीज को रोजगार मिलता है या कितने सरकारी धन का दुरूपयोग ?