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कार्टोसेट-2 और 30 नैनो सेटेलाइट को लेकर अंतरिक्ष में फिर इतिहास रचेगा इसरो

इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से कार्टोसेट-2 सीरीज के सेटेलाइट समेत 31 सेटेलाइट लॉन्च कर दिए हैं। इन सेटेलाइट ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी- सी 38 के जरिए उड़ान भरी है। ये पीएसएलवी रॉकेट की 40वीं उड़ान है।

कार्टोसेट-2 ई एक दूर संवेदी उपग्रह है, जिसमें सभी सात रंगों के प्रकाश के प्रति संवेदनशील और बहुक्षेत्रीय कैमरा लगे हैं। इनका कार्यकाल पांच वर्ष का है। कार्टोसेट-2 श्रृंखला के उपग्रहों से जुटाया गए आंकड़े शहरी और ग्रामीण योजना तैयार करने, तटीय क्षेत्रों की भूमि उपयोग नियमन, सड़क नेटवर्क की निगरानी और भौगोलिक सूचना प्रणाली अनुप्रयोगों में सहायक होंगे। यह पीएसएलवी रॉकेट की 40वीं उड़ान होगी। इसरो के मुताबिक, धरती के ऑब्जरवेशन के लिए लांच किए जा रहे 712 किलोग्राम के कार्टोसेट-2 सीरीज के सेटेलाइट के साथ करीब 243 किलोग्राम के 30 अन्य सेटेलाइट को पोलर सन सिंक्रोनस ऑर्बिट (एसएसओ) में पहुंचाया जाएगा।

इसरो ने कहा कि इन 30 उपग्रहों का कुल भार 243 किलोग्राम और कार्टोसैट को मिलाकर सभी 31 उपग्रहों का कुल भार 955 किलोग्राम है। यह रॉकेट उपग्रहों को 505 किलोमीटर दूर ध्रुवीय सूर्य समकालिक कक्षा (एसएसओ) में स्थापित करेगा। यह यान 14 देशों से 29 नैनो उपग्रह लेकर जा रहा है। जिसमें ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्रिटेन, चिली, चेक गणराज्य, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, लातविया, लिथुआनिया, स्लोवाकिया और अमेरिका के साथ-साथ भारत का एक नैनो उपग्रह भी शामिल है।