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रक्षक ही भक्षक बन कर जंगलों के अस्तित्व के लिए खतरा बन रहे वनकर्मी

धरमपुर,

दो सौ रुपये ट्रॉली के हिसाब से जंगलों के पत्थर बेच रहे वनकर्मी

खोखले हो रहे पहाड़ धराशाई हो रहे पेड़ वन्य प्राणियों को भी खतरा

जंगलों और पहाड़ों से अंधाधुंध पत्थरों की ढुलाई से जीवनदाता जंगलों व पर्वतों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। लालची वन कर्मियों की मिलीभगत से चल रहे इस अवैध कारोबार से एक ओर जहां जंगलों के हरे भरे पेड़ धराशाई हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वन्य प्राणियों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

इसके बावजूद कुछ वन कर्मी महज 200 रुपये प्रति ट्रॉली कमीशन के लालच में जंगलों और पहाड़ों के पत्थरों पत्थर ढोने की छूट दे रहे हैं। यह नजारा उत्तर वन मंडल अंतर्गत धरमपुर रेंज के रमजूपुर के पास ठाकुर बाबा स्थान के पास आसानी से देखा जा सकता है। यहां दिन रात टेक्टर ट्रॉली के माध्यम से पहाड़ी पत्थरों का परिवहन किया जा रहा है। वर्तमान में दर्जन भर से अधिक ट्रैक्टर जंगल से पत्थरों को ढोने में लगे हैं।

स्थानीय  निवासियों ने बताया कि जंगलों से पत्थर ढोने के लिए वन कर्मियों को 200 रुपये प्रति चक्टर कमीशन देना पड़ता है। कमीशन नहीं देने पर जंगल टेक्टरों का प्रवेश वर्जित है। ऐसे में जब रक्षक ही भक्षक बन कर जंगलों के अस्तित्व के लिए खतरा बन रहे हैं तो आम नागरिकों से वनों की सुरक्षा में भूमिका निभाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

 

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