< पांच दिवसीय कालिंजर महोत्सव का शुभारम्भ, कलाकारों ने दिखाया दमखम Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News बाँदा,  

"/>

पांच दिवसीय कालिंजर महोत्सव का शुभारम्भ, कलाकारों ने दिखाया दमखम

 

बाँदा,  

कालिंजर दुर्ग में बुन्देलखण्ड की कला और संस्कृति की अनुपम धरोहर है। कालिंजर महोत्सव के माध्यम से नई पीढी को बुन्देलखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर की जानकारी प्राप्त हो सकेगी तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनियों से लोंगो को शासन द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

विधायक नरैनी राजकरन कबीर ने उपरोक्त विचार कालिंजर महोत्सव का फीता काटकर शुभारम्भ करने के उपरान्त उपस्थित लोंगो को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि कालिंजर महोत्सव के अवसर पर स्वास्थ्य मेले तथा सरस मेले का भी आयोजन किया गया है जिससे स्थानीय लोंगो को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सकेगा।इस मौके पर जिलाधिकारी हीरा लाल ने कहा कि बांदा जनपद में स्थित ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग विश्व कला धरोहर के लिए अनुपम कृति है तथा इस दुर्ग की गणना चन्देलों के 08 प्रमुख दुर्गों में की जाती है।

उन्होंने कहा कि कालिंजर महोत्सव में आध्यात्मिक गैलरी, सांस्कृतिक गैलरी तथा अन्य गैलरियां स्थापित करायी गयी हैं जिससे लोंगो को बुन्देलखण्ड क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर व विरासत की जानकारी प्राप्त हो सकेगी। कालिंजर महोत्सव में विभिन्न खेल-कूद प्रतियोगितायें भी आयोजित करायी जा रही हैं जिससे खेल प्र्रतिभाओं को आगे बढने का अवसर प्राप्त हो सके।  महोत्सव में बुन्देली व्यंजनों के स्टाल लगवाये गये हैं जिससे लोग इन स्वादिष्ट व्यजनों का लुफ्त उठा सकें।

भाजपा जिला ध्यक्ष रामकेश निषाद ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कालिंजर महोत्सव का आयोजन एक सराहनीय प्रयास है तथा इस महोत्सव के माध्यम से बुन्देलखण्ड के कलाकारों को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका प्राप्त हो सकेगा। सांसद बांदा-चित्रकूट के प्रतिनिधि सुनील सिंह ने कहा कि कालिंजर महोत्सव के माध्यम से बुन्देलखण्ड की संस्कृति का प्रचार-प्रसार होगा तथा महोत्सव में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों से लोंगो को स्वस्थ्य मनोरंजन तथा महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हो सकेंगी। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष लवलेश सिंह ने कहा कि उ.प्र. और म.प्र. की सीमा पर स्थित कालिंजर दुर्ग एक सजग प्रहरी के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह करता रहा है।  कालिंजर तपस्या स्थल, तीर्थ स्थल एवं आत्म साधना का केन्द्र रहा है तथा कालिंजर का पौराणिक महत्व शिव के विषपान से है।

उप जिलाधिकारी नरैनी/सचिव कालिंजर फोर्ट विकास समिति ने महोत्सव में आये हुए अतिथियों को स्वागत करते हुए कहा कि कालिंजर महोत्सव को भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है तथा इसमें प्राचीन काल की स्मृतियों तथा आधुनिक संस्कृति के समावेश को प्रस्तुत किया गया है।

विधायक नरैनी  राजकरन कबीर, जिलाधिकारी हीरा लाल तथा अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारम्भ किया। इससे पूर्व विधायक नरैनी तथा जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य मेले तथा स्वयं सहायता समूूहों द्वारा आयोजित सरस मेले का भी शुभारम्भ किया।इस अवसर पर कालिंजर दुर्ग पर बनायी गयी डाक्यूमेन्टरी भी दिखायी गयी जिसमें किले के सम्बन्ध विस्तार से जानकारी दी गयी। सुनील कुमार शनी ने कालिंजर पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर  रमेश पाल एवं उनकी टीम द्वारा दिवारी नृत्य का मनोहारी प्रदर्शन किया गया तथा ऋषी इण्टरनेशनल द्वारा शिव प्रस्तुती की गयी। कार्यक्रम का संचालन संजय काकोनिया ने किया।

कालिंजर महोत्सव के शुभारम्भ के समय मुख्य विकास अधिकारी हरिश्चन्द्र वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संतोष कुमार, अपर जिलाधिकारी वि./रा. संतोष बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक संजय कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक लाल भरत कुमार पाल, नगर मजिस्टेªट सुरेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी अतर्रा सौरभ शुक्ला, उप जिलाधिकारी बबेरू महेन्द्र प्रताप, उपाययुक्त एनआर.एल.एम. के.के.पाण्डेय, उप निदेशक सूचना भूपेन्द्र सिंह यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी संजय यादव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हरिश्चन्द्र नाथ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी/कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य व बुद्धिजीवी नागरिक उपस्थित रहे।

अन्य खबर

चर्चित खबरें