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12000 निशुल्क मोतियाबिंद मरीज़ो के ऑपरेशन का लक्ष्य

मानव धर्म के महान प्रणेता महा अवतार अनंत त्रिकालज्ञ सदगुरुदेव भगवान श्रीरणछोडदासजी महाराज प्रेरित श्री सदगुरु परिवार ट्रस्ट,राजकोट (गुजरात) के तत्वावधान में इंदौर (मध्य प्रदेश) के धार रोड स्थित  श्री चोइथराम नेत्रालय में 15 दिसम्बर 2019 से 15 फरवरी 2020 तक 12,000 निःशुल्क मोतियाबिंद आपरेशन लेंस प्रत्यारोपण  करने के संकल्प के लिये  निःशुल्क  शिविर (नेत्रयज्ञ) का आयोजन किया गया है।

श्री सदगुरु परिवार ट्रस्ट के चेयरमैन (प्रचार समिति) श्री शम्भूनाथ  सिंह ने बताया कि  15 जनवरी 2020 तक इंदौर के श्रीचोइथराम  नेत्रालय के प्रख्यात सर्जनों द्वारा  4,800 मरीजों का सफलतापूर्वक  मोतियाबिंद आपरेशन लेंस प्रत्यारोपण किये गये।

ट्रस्ट के प्रमुख श्री दानाबापा डांगर  अपने सहयोगियों तथा कर्मठ कार्यकर्ताओ, ट्रस्ट के श्री शांतुभाई रुपारेलिया ( चेयरमैन नेत्रयज्ञ समिति), श्री ईश्वरभाई खख्खर (कोषाध्यक्ष), श्रीराजूभाई कानाबार, श्री चन्दूभाई पेइन्टर, श्रीरमेशभाई महेता एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती प्रवीणाबेन रमेश महेता (इंदौर) तथा स्थानीय लोक प्रशासन एवं अंधत्व निवारण समिति के सक्रिय सहयोग से  निःशुल्क  नेत्रयज्ञ के शुभारंभ 15 दिसम्बर के एक सप्ताह के पहले से ही मौसम की कडा़के  की ठंड की परवाह न करते हुये निःशुल्क 38-39 वें नेत्र शिविर (नेत्रयज्ञ)  को सफल बनाने में अथक परिश्रम किया है। और मरीज के साथ एक व्यक्ति को भी प्रातः चाय - नाश्ता (शुद्ध घी का हलवा), दोपहर को भोजन, सायं चाय-नाश्ता एवं रात्रि भोजन, मरीजों को लाने- ले जाने के लिये परिवहन की सुचारु रूप से निःशुल्क व्यवस्था की  गई है| हर मरीज को श्री सदगुरु परिवार ट्रस्ट (राजकोट-गुजरात) की ओर से एक कंबल एवं काला चश्मा मुफ्त प्रदान किया जाता है।

सदगुरुदेव  भगवान के कृपापात्र शिष्य श्री शम्भूनाथ सिंह ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस निःशुल्क नेत्रयज्ञ   का आयोजन योगि सम्राट महर्षि परम हंस सदगुरुदेव भगवान श्रीरणछोडदासजी महाराज (1970 में 458 वर्ष से अधिक की आयु में महा समाधि ली) की मधुर स्मृति में किया गया जिन्होंने स्वतः अपने जीवनकाल में श्री तारा नेत्रयज्ञ के संस्थापक के रूप में 1950 से 1970 तक भारत के विभिन्न पिछडे़ क्षेत्रों खासकर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र,उत्तर प्रदेश, बिहार आदि में 18 निःशुल्क नेत्रयज्ञ शिविर आयोजित किये जिससे लाखों नेत्ररोगी लाभान्वित हुये और 1968 में धार में आयोजित निःशुल्क नेत्रयज्ञ के दौरान श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट  की स्थापना अकाल  पीड़ितों, अतिवृष्टि पीड़ितों, भूकम्प पीड़ितों की सहायता तथा  अस्पतालों, स्कूल-कालेजों की स्थापना हेतु मानव कल्याण के लिये की। उनका कथन था, मुझे भूल जाना, पर नेत्रयज्ञ शिविर को नहीं भूलना।

श्री सदगुरु परिवार ट्रस्ट (राजकोट -गुजरात) की स्थापना महामंडलेश्वर स्वामी श्री हरिचरणदासजी महाराज( गोंडल-गुजरात) ने की इंदौर में आयोजित उक्त निःशुल्क नेत्र शिविर(नेत्रयज्ञ) को सफल बनाने हेतु ट्रस्ट के पथदर्शकों - श्री राजुभाई पोबारु,चेयरमैन( सलाहकार समिति), श्रीप्रवीणभाई वसाणी( मैनेजिंग ट्रस्टी, श्री सदगुरु सदन ट्रस्ट, राजकोट),श्रीजगदीशभाई गणात्रा, श्री हरीशभाई लाखानी, श्रीसुरेशभाई चंदाराणा, श्रीरमेशभाई ठक्कर, श्रीहसुभाई चंदाराणा, श्रीरमेशभाई राच्छ, श्रीमहेन्द्रभाई राजवीर,श्रीमित्तलभाई खेताणी, श्रीनितिनभाई रायचुरा, श्रीभोगीभाई रायचुरा, श्रीदिनेशभाई तन्ना, श्रीधवलभाई खख्खर, श्रीनिलेशभाई जोवनपुत्रा, श्रीमुकेशभाई सचदे, श्रीचंद्रेशभाई पटेल, श्री शम्भूनाथ सिंह (दिल्ली वाले) के साथ साथ अनेक दानवीरों आदि की प्रशंसनीय सेवायें उल्लेखनीय हैं।

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