< मलाईमार अभियंता की काली करतूतें Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News देवेंद्र नाथ मिश्रा, बांदा 

मलाईमार अभियंता की काली करतूतें

देवेंद्र नाथ मिश्रा, बांदा 

जनपद बांदा में लोक निर्माण विभाग खंड दो में कुछ दिनों पहले नियुक्त अधिशासी अभियंता लालजी वर्मा द्वारा किया गया कारनामा सर्वविदित है। परंतु इस मलाई मार अभियंता ने अपने कार्यकाल 18 मई 2018 से 24जुलाई 2018 तक इसने जो भ्रष्टाचार किया है। वह आज भी इतिहास का काला अध्याय बना हुआ है। तमाम शिकायतों के बाद भी आज तक कारित भ्रष्टाचार पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है।

पुनः मलाई मारने की फिराक में

बांदा वृत्त बांदा के कार्यालय में स्टाफ अफसर के पद पर नियुक्त यह अभियंता आज भी लालची उच्च अधिकारियों से पैसे के बल पर अपनी अस्थाई नियुक्ति चारों जनपद के किसी न किसी खंड में कराना चाहता है। ताकि पुनः जनता के पैसे पर अपना हाथ साफ कर सके ।अपने कार्यकाल में विधायकों से लेकर सांसदों तक के पत्रों को डस्टबिन में डाल कर खूब खुली लूट मचाने मे चर्चित अभियंता लाल जी वर्मा रिक्त लोक निर्माण विभाग के खंड 2 मे कार्यभार पर काम करने मे कामयाब रहा था । जबकि वास्तविक रूप से इनकी नियुक्ति बांदा बांदा के एस.सी. कार्यालय मे स्टाफ अधिकारी के पद पर थी। वास्तव में चीफ अभियंता के कृपा पात्र बन कर अपनी अतिरिक्त नियुक्ति उपरोक्त खंड पर करवा लिया था। तत्कालीन समय में प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता आरसी पटेरिया का स्थानांतरण हो जाने के कारण उक्त पद रिक्त था। वहां भी इस मलाई मार अभियंता द्वारा उच्च अधिकारियों से मिलीभगत करके पदभार ग्रहण कर भ्रष्टाचार की पवित्र मंदाकिनी के प्रवाह से अपने उच्च अधिकारियों को भी उसमें पवित्र स्नान कराते रहे। अपने इस कार्य में बबेरू विधायक मा. चन्द्रपाल कुशवाहा को गुमराह कर अपने माफिक पत्र लिखा कर भरपूर फायदा उठाता रहा । जबकि सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा व तिंदवारी विधायक बृजेश प्रजापति द्वारा किए गए भ्रष्टाचार को संज्ञान में लेकर शासन प्रशासन को पत्र लिखे गए थे। परंतु कृपा पात्रों के संरक्षण के चलते इस अभियंता द्वारा लगभग 150 लाख मू. के ऊपर कूटरचित दस्तावेजों के सहारे व ठेकेदारों की मदद से फर्जी सप्लाई आर्ङर बनाकर बनाकर 130 लाख के ऊपर की रकम प्रांतीय खंड डिवीजन से डकार ली गई थी। शेष 20 लाख़ रुपए लूट में शामिल सहयोगी ठेकेदारों में बाँट दिया गया था। ऐसी भ्रष्टाचारी गतिविधियां वर्तमान ईमानदार सरकार के कार्यकाल में ही संपादित की जा चुकी हैं। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री द्वारा ऐसे भ्रष्टाचारियों की जांच के लिए सीबीआई को निर्देशित किया गया है कि स्थानीय स्थिति में पता लगाकर ऐसे भ्रष्टाचारी अधिकारियों की जांच कर उन्हें जबरन रिटायरमेंट दिया जा सके। परन्तु अफसोस कि जांच करने वाले विभिन्न सतर्कता विभागों को ऐसे भ्रष्टाचारी अधिकारी क्यों नहीं दिखाई पड़ते हैं? जबकि यहां यह बताना अनिवार्य है कि इस अभियंता की समाजवादी पार्टी की अखिलेश सरकार मे भ्रष्टाचारकारिता मे सस्पेंड किया गया था। क्योंकि तत्कालीन समय में इस मलाईमार अभियंता की नियुक्ति लोक निर्माण विभाग खंड 2 में थी और बांदा चिल्ला वाया कानपुर मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो गया था तथा उस मार्ग की धनराशि इसी तरह से कूटरचित बिलों के माध्यम से इस अभियंता ने पार कर दिया गया था। वर्तमान समय में एस.सी. ऑफिस में अटैच यह मलाईमार लगातार फिराक में है कि उसकी पोस्टिंग किसी न किसी खंड पर अतिरिक्त कार्यभार के रूप में हो जाए। परंतु बेचारे की दाल नहीं गल पा रही है।
 

एक प्रयास निष्फल

शासन द्वारा घोषित स्थानांतरण समय में जनपद हमीरपुर से स्थानांतरित हुए अधिशासी अभियंता जीतेंद्र सिंह के स्थानांतरण हो जाने के बाद जो पद खाली होते ही अतिरिक्त कार्यभार के लिए अधीक्षण अभियंता से सांठगांठ कर आदेश कराने में कामयाब रहा था। परंतु हमीरपुर निर्माण खंड 2 खंड से स्थानांतरित हुऐ अभियंता के जाने के बाद इस अभियंता की आशाएं निराशा में तब्दील हो गई। शासन के निर्देशों के अनुसार अतिरिक्त चार्ज उसी जनपद के कृषि अभियंता को ही दिया जा सकता था। जब ऐसा आदेश अधीक्षण अभियंता द्वारा किया गया तो अतिरिक्त कार्य आदेश ही अपने आप में एक प्रश्न उठाता है? कि उसी जिले में अन्य खंडों पर कार्यरत अधिशासी अभियंताओं को अतिरिक्त चार्ज ना देकर आखिर इस मलाई मारने में कुशल अभियंता को क्यों अतिरिक्त आदेश किए गए थे? हालांकि जनपद हमीरपुर के ही प्रांतीय खंड पर नियुक्त अधिशासी अभियंता राजीव कुमार श्रीवास्तव को निर्माण खंड 2 का चार्ज दे दिया गया जिससे अभियंता लाल जी वर्मा की कूटरचित दाल नहीं गल पाई।
 

कर चुका है शर्मसार करने वाली हरकत

यहां यह बताना अनिवार्य है इस अभियंता की छिछोरी हरकतों से लोक निर्माण विभाग कई बार शर्मसार हो चुका है। अपने व्हाट्सएप पर उल्टा सीधा पोस्ट करना तो छोटी मोटी इनकी छोटी-छोटी हरकत है। इसकी बड़ी हरकत के बारे में जनपद महोबा के विभागीय सूत्र आज भी चटखारे लेकर बताते हैं कि वहां नियुक्ति के दौरान इस अभियंता की छिछोरी हरकत से महोबा जिला प्रशासन शर्मसार हो गया था उक्त अभियंता द्वारा तत्कालीन जिलाधिकारी महोबा सुश्री को अपने मोबाइल से मध्य रात के समय मे अश्लील एसएमएस किए थे। इनकी अश्लील हरकत से क्षुब्ध होकर तत्कालीन महिला जिलाधिकारी द्वारा शासन को कड़े शब्दों में इनके विरुद्ध लिखा गया था।
 

समाजसेवियो ने की जाँच की माँग

प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग बांदा में कार्य करने के दौरान फर्जी टी /यस फर्जी मेडिकल फर्जी वर्क आर्डर फर्जी सप्लाई ऑर्डर करने के लिए कुख्यात रहे हैं। जनपद के समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा उक्त भ्रष्टाचारी के संदर्भ में बहुत ही आवाज उठाई गई थी। इनके द्वारा कारित विषय तो बहुत बड़ा है उस पर सीएजी जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं से जांच कराए जाने की आवश्यकता है ताकि जनता के पैसे का जो लूट और दुरुपयोग हुआ है उसका पाई पाई का हिसाब प्राप्त हो सके। सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद आजाद एवं किसान नेता बैजनाथ अवस्थी बनवासी द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के प्रति तब से आज तक लगातार आवाज उठाई जा रही है उनका कहना है कि अगर शासन की नींद नहीं टूटती तो इस पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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