< पेयजल की उपलब्धता प्रत्येक मजरे टोले में होनी चाहिए-आयुक्त श्री दुबे Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News उपार्जित खाद्यान्न का सुरक्षित भण्डारण सुनिश्चित करें-आयुक"/>

पेयजल की उपलब्धता प्रत्येक मजरे टोले में होनी चाहिए-आयुक्त श्री दुबे

उपार्जित खाद्यान्न का सुरक्षित भण्डारण सुनिश्चित करें-आयुक्त

संभागायुक्त श्री मनोहर दुबे की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। उन्होंने बैठक में कहा कि पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पेयजल के लिए किसी भी व्यक्ति को परेशान न होना पडे इस बात का ध्यान रखा जाए।

उन्होंने बैठक में उपार्जन के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि उपार्जित किए गए खाद्यान्न का समय पर सुरक्षित भण्डारण किया जाए। वहीं उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले की मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी लाने के आवश्यक कदम उठाए जाएं। बैठक में आयुक्त श्री दुबे ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं नगरीय निकाय के अधिकारियों से पेयजल की उपलब्धता संबंध में चर्चा की।

उन्होंने जिले में स्थापित नलजल योजनाओं के संबंध में कहा कि जिन नलजल योजनाओं में पानी उपलब्ध है उन्हें निरंतर चालू रखा जाए। यदि कोई भी नलजल योजना किसी कारण से बंद है उसे दूर कर तुरंत चालू कराएं। जिन नलजल योजनाओं के जल स्त्रोत सूख गए हैं उनके स्थान पर दूसरे स्थान पर नलकूप खनन कर पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपयंत्री अपने क्षेत्र का भ्रमण कर नलजल योजनाओं एवं पेयजल के उपलब्ध साधनों पर सतत निगरानी बरतें। कहीं भी पेयजल की कमी दिखाई देने पर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिवों से मिलकर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

जिन स्थानों पर आगामी समय में पेयजल परिवहन की आवश्यकता महसूस की जा रही है उसके प्रस्ताव तैयार कर तुरंत भेजे जाएं। उन ग्राम पंचायतों में टेंकर एवं ट्रेक्टर के संबंध में जानकारी एकत्र की जाए। जिससे आवश्यकता पडने पर पेयजल परिवहन कराया जा सके। 

उन्होंने प्रत्येक नगरीय निकाय के मुख्य नगरपालिका अधिकारी से पेयजल की उपलब्धता के संबंध में चर्चा करते हुए वर्तमान में नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने आगामी समय में पेयजल की स्थिति के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा करने के उपरांत कहा कि पेयजल की उपलब्धता के लिए नगरीय प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर कार्य करें। 

उन्होंने रबी फसल उपार्जन के संबंध में उपार्जन से जुडे विभागों के अधिकारियों से गेंहू, चना, मसूर आदि के उपार्जन, परिवहन, भण्डारण एवं भुगतान के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी। उन्होंने कहा कि उपार्जन किए गए खाद्यान्न का समय पर परिवहन कर भण्डारण कराएं।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए कहा कि जिले की मातृ एवं शिशु मृत्युदर को कम करने के लिए आवश्यक है कि लक्ष्य दम्पत्तियों से निरंतर सम्पर्क रखा जाए। महिला के गर्भवती होने के साथ समय-समय पर किए जाने वाले स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक औषधियां देने के साथ टीके लगाए जाएं।

शत प्रतिशत गर्भवती माताओं का प्रसव संस्थागत होना चाहिए। प्रसव होने के साथ माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए। निर्धारित समय पर टीकाकरण के साथ-साथ कुपोषण का शिकार होने से बचाया जाए। ग्रामीण अंचलों में कार्यरत बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपने निर्धारित मुख्यालय पर रहें तथा लक्ष्य दम्पत्तियों आदि की जानकारी पोर्टल पर अपडेट रखना सुनिश्चित करें।

उन्होंने राजस्व विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण किया जाए। उन्होंने सीएम हेल्पलाईन पर दर्ज शिकायतों का समय सीमा पर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व संबंधी नये निर्देश जारी हुए हैं उनकी जानकारी सभी राजस्व अधिकारियों को हो जाए इसके लिए राजस्व अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की जाए।

सम्पन्न हुई बैठक में कलेक्टर श्री मनोज खत्री, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री राजेश कुमार ओगरे, अपर कलेक्टर श्री जे.पी. धुर्वे, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अशोक चतुर्वेदी, संयुक्त कलेक्टर श्री डी.पी. द्विवेदी के साथ विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख, समस्त एसडीएम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के साथ संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

अन्य खबर

चर्चित खबरें

Your Page has been visited    Times