< आपके थूक में छुपा है जॉब से नाखुश होने का राज Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News अगर आप में स्ट्रेस का स्तर काफी हाई है तो आपके थूक में कॉर्टिसॉल "/>

आपके थूक में छुपा है जॉब से नाखुश होने का राज

अगर आप में स्ट्रेस का स्तर काफी हाई है तो आपके थूक में कॉर्टिसॉल का स्तर भी अधिक होना स्वाभाविक है। पर इस स्ट्रेस का राज आपके थूक में छुपा है। जॉब को लेकर हर किसी को थोड़ा-बहुत स्ट्रेस होना नॉर्मल है, मगर जब इसका असर आपके फिजिकल, इमोशनल व मेंटल हेल्थ पर होने लगे तो इसे जॉब बर्नआउट की श्रेणी में रखा जाता है। इस समस्या से अपने करियर के किसी न किसी दौर में हर शख्स गुजरता है।

अगर आपको भी लगता है कि आप भी ऐसी परेशानी की चपेट में हैं तो आपका थूक इस बारे में काफी कुछ बता सकता है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में हुए एक रिसर्च में विशेषज्ञों ने थूक में स्ट्रेस से लड़नेवाले हार्मोन कॉर्टिसॉल के बारे में रिसर्च की है। जिसके मुताबिक, अगर आप में स्ट्रेस का स्तर काफी हाई है तो आपके थूक में कॉर्टिसॉल का स्तर भी अधिक होना स्वाभाविक है। 

दरअसल, इस हार्मोन की वजह से शरीर को किसी भी तरह की विपरीत परिस्थिति से लड़ने में मदद मिलती है। इस टेस्ट में सिर्फ थूक के जरिए आपके शरीर में स्ट्रेस के स्तर की शुरुआती जांच की जाती है। जिसके रिजल्ट पहले होते आए ब्लड टेस्ट से भी ज्यादा सटीक बताए जाते हैं।

दरअसल रिसर्च से यह तथ्य सामने आया है कि आपके स्लाइवा टेस्ट (थूक की जांच) से शत-प्रतिशत स्ट्रेस पकड़ में आ जाता है। इस बारे में मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ विएना में कई शोध किए गए हैं। जिसके लिए टेस्ट में शामिल हुए 66 लोगों पर स्टडी करने के बाद उनमें से 40 के अंदर जॉब बर्नआउट जैसी समस्या के गंभीर लक्षण साफ तौर पर नजर आए।

इस स्टडी में स्ट्रेस का स्तर जांचने के लिए सुबह के साथ ही अन्य समय पर भी आंकड़े लिए गए, जबकि इसके पहले आमतौर स्ट्रेस के लिए होते आए रिसर्च में सुबह के नमूनों पर ज्यादा जोर रहता था। दिनभर में सुबह 11.30 से लेकर दोपहर 12.30 बजे तक थूक के नमूने लिए गए। जिसके अनुसार, जिन लोगों में स्ट्रेस का स्तर ज्यादा था, उनमें उस दौरान कॉर्टिसॉल हार्मोन का स्तर भी काफी अधिक पाया गया।

अगर आप अपने थूक में कॉर्टिसॉल हार्मोन के स्तर की जांच करना चाहते हैं तो इसके लिए आप इसके मेडिकल किट को किसी भी केमिस्ट शॉप से खरीद या ऑनलाइन ऑर्डर करके मंगवा सकते हैं। इसके अलावा आप चाहे तो किसी जांच केन्द्र में दिनभर में लिए थूक के नमूने जमा कराकर भी अपना रिजल्ट जान सकते हैं।

कई रिसर्च से यह बात सामने आई है कि हर कर्मचारी अपने करियर में कभी न कभी काम संबंधी स्ट्रेस से गुजरता है। असल में बताया जाता है कि हर तीन वर्कर में से एक जॉब बर्नआउट का शिकार रहता है। इस तरह से अपने मेंटल हेल्थ के बारे में जानना सभी के लिए काफी जरूरी हो जाता है, क्योंकि इससे आपके काम पर फर्क पड़ता है।

आपमें जोश की कमी देखी जाती है, जिसका आगे चलकर आपके स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। जॉब बर्नआउट यानी एक सीमा से अधिक स्ट्रेस होने का न केवल आपके ऊपर मानसिक रूप से बल्कि, शारीरिक रूप से भी काफी बुरा प्रभाव पड़ता है।

आप हमेशा थकान महसूस करते हैं, जिसके साथ खराब नींद या अनिद्रा और सिरदर्द जैसी समस्याएं भी पेश आती हैं। इसके अलावा अगर आप काफी दिनों तक इसकी चपेट में रहते हैं तो इसका आपके दिल पर भी काफी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
 

About the Reporter

  • ,

अन्य खबर

चर्चित खबरें

Your Page has been visited    Times