< महिला अस्सी फीसदी जली , यूपी पुलिस फेल। Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News सपा शासनकाल के दौरान से हो रहे अपराध में लगाम योगी राज में भी नही"/>

महिला अस्सी फीसदी जली , यूपी पुलिस फेल।

सपा शासनकाल के दौरान से हो रहे अपराध में लगाम योगी राज में भी नहीं लग पा रही है। ना गुंडाराज , ना भ्रष्टाचार के नारे से सत्तासीन हुई भाजपा सरकार अपनी पुलिस पर लगाम लगा पाने में नाकाम सिद्ध हो रही है। राजधानी लखनऊ के समीप सीतापुर जिले में छेड़खानी का शिकार हुई महिला के विरोध दर्ज करने पर मनचलों द्वारा अस्सी फीसदी जला देने की घटना से सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश दहल गया है। 

नेशनल क्राइम ब्यूरो रिकार्ड के अनुसार उत्तर प्रदेश में महिला अपराध के मामलों में चौबीस फीसदी बढ़ोतरी हुई है। पिछले एक साल में बलात्कार के सात सौ एकसठ मामले दर्ज हुए हैं। बुंदेलखण्ड के महोबा से भी बलात्कार व अपहरण की हालिया घटनाएं चर्चा का विषय हैं। सरकार के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का कहना है कि समस्त आपराधिक मामलों पर एफआईआर दर्ज होने की वजह से आंकड़े में बढोतरी हुई है।

जबकि पूर्व सपा - बसपा की सरकार में एफआईआर दर्ज कराने हेतु पीडित को न्यायालय की शरण लेनी पड़ती थी। सरकार बचाव में कुछ भी कहे परंतु सच्चाई है कि यूपी पुलिस सरकार के नियंत्रण से बाहर नजर आती है। थानों में घूसखोरी बंद नहीं हो सकी है। अपराध के मामले आसानी से घटित हो रहे हैं। जो ना सिर्फ भाजपा सरकार बल्कि सीएम योगी आदित्यनाथ की व्यक्तिगत छवि पर बुरा असर डालते हैं। 

महिला अपराध को रोकने हेतु एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया गया था। जो सिर्फ चर्चा का विषय बनकर रह गया। जमीन में ऐसा कोई स्क्वॉड सक्रिय नजर नहीं आता है। इस प्रकार की घटनाएं भाजपा सरकार के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं। इनका अंत तब ही हो सकेगा , जब थाना स्तर तक सरकार का उचित दबाव दिखे। समय रहते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बड़ा फैसला लेना होगा। हालाँकि सीतापुर मामले पर सरकार ने कार्रवाई करते हुए एसओ ओपी सरोज एवं मुंशी छेदीलाल को त्वरित गति से निलंबित कर दिया है और सीओ पर भी गाज गिरने की संभावना है। 

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