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कही सोशल मीडिया आप को अकेला तो नही बना रहा है ?

जब से स्मार्टफोन का चलन बढ़ गया है तब से अक्सर हम अपना अकेलापन और बोरियत मिटाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं और धीरेधीरे कब हम इसके आदि बन जाते है एहसास ही नहीं होता फिर हम चाह कर भी इस से दूर नहीं जा पाते।

सोशल मीडिया एडिक्शन भी शारीरिक मानसिक सेहत के साथ साथ सामाजिक स्तर पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।एक ताजा अध्ययन के मुताबिक़ यदि हम सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अधिक समय बिताते हैं तो परिणाम उल्टा निकल सकता है।

वयस्क युवा जितना ज्यादा सोशल मीडिया पर समय बिताएंगे , उनके उतना ज्यादा समाज से खुद को अलग-थलग महसूस करने की संभावना होती है।

ऐसा कहा गया है की , “हम स्वाभावकि रूप से सामाजिक प्राणी हैं, लेकिन आधुनिक जीवन हमें एक साथ लाने के बजाय हमारे बीच दूरियां पैदा कर रहा है। सोशल मीडिया और इंटरनेट की काल्पनिक दुनिया युवाओं को अकेलेपन की ओर ले जा रही है। 

सूत्रो के हवाले से हम आप को जानकारी दे दे की स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से नींद की कमी हो जाती है। आंखें कमजोर होने लगती हैं। शारीरिक गतिविधियों की कमी से तरह तरह की बीमारियां पैदा होने लगती है।

याददाश्त तक कमजोर हो जाती है। लोग किसी भी समस्या का समाधान तुरंत चाहते हैं। उन्हें इंटरनेट पर हर सवाल का जवाब तुरंत मिल जाता है इसलिए वे सोचने समझने की शक्ति खोने लगते हैं।

दिमाग का प्रयोग कम हो जाता है। यह एक नशे की तरह है। लोग घंटों अनजान लोगों से चैट करते रहते हैं पर हासिल कुछ नहीं होता।

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