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गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमले को पीएम मोदी और शाह ने गंभीरता से लिया

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और नितिन पटेल को लगाई फटकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने गृह राज्य गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमले और पलायन पर चिंता जताते हुए मामले को काफी गंभीरता से ले लिया है। मासूम से रेप के बाद उत्तर भारतीयों खासतौर से बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों पर हमले के मामले को ठीक तरह से हैंडल न कर पाने को लेकर दोनों ही नेता गुजरात के मुख्यमंत्री से नाराज हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष शाह ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल को कथिततौर पर फटकार लगाई है। दोनों नेता गुजरात से आते हैं और ऐसे में यह उनकी भी प्रतिष्ठा का सवाल है।

गौरतलब है कि साबरकांठा जिले में 28 सितंबर को 14 महीने की बच्ची से बलात्कार की घटना के बाद उत्तर भारतीय निशाने पर आ गए। पुलिस के मुताबिक उत्तरी गुजरात में हिंदी भाषी लोग हिंसा का शिकार हुए। रेप के आरोप में बिहार निवासी रवींद्र साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रवींद्र एक स्थानीय फैक्ट्री में काम करता था। हालांकि इसके बाद भी हिंसा और धमकी के कारण मजदूरों का पलायन नहीं रुका।

एक सूत्र ने बताया है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूरों के खिलाफ हिंसा को नियंत्रित न कर पाने के लिए पीएम और शाह ने रूपाणी और पटेल को फटकार लगाई है। सूत्र का कहना है कि गुजरात में हिंदी भाषियों पर हमले भाजपा के लिए चिंता की बात है और इसे वरिष्ठ नेताओं ने गंभीरता से लिया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव को देखते हुए भाजपा किसी तरह की नाकामी का संदेश नहीं देना चाहती है। हालांकि पलायन पर गुजरात प्रशासन का कहना है कि लोग त्योहार के कारण बड़ी संख्या में अपने घरों को लौट रहे हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीएम रूपाणी से बात कर हिंसा पर अपनी चिंता जताई है।

बताया जा रहा है कि गुजरात से लगातार हो रहे पलायन के कारण रूपाणी और पटेल पर भारी दबाव है। हिंसा और धमकी के चलते गुजरात की शांतिपूर्ण छवि को भी नुकसान पहुंचा है, जिसे अब तक मजदूरों के हितैषी राज्य के तौर पर देखा जाता था। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब कुछ महीने बाद जनवरी 2019 में वाइब्रेंट गुजरात समिट भी होनेवाली है।

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