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चित्रकूट का कुख्यात डकैत महेंद्र पासी पुलिस मुठभेड़ में हुआ ढेर

चित्रकूट इलाहाबाद में पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए 80 हजार के इनामी दस्यु महेंद्र पासी के आतंक से यूपी एमपी के सीमावर्ती इलाके कांपते थे। महेंद्र पासी उर्फ़ धोनी अपहरण की वारदातों को अंजाम देने में माहिर माना जाता था। अत्याधुनिक हथियारों का शौक रखने वाला महेंद्र एके 47 लेकर राइफल लेकर चलता था। जिसे इसी वर्ष 1 मार्च को चित्रकूट में पुलिस ने उससे मुठभेड़ के दौरान जंगल से बरामद किया था। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि डकैत अत्याधुनिक हथियारों को ऑपरेट करने में कितने माहिर होते हैं और अपनी फायर पावर कितनी मजबूत रखते हैं। दस्यु महेंद्र पासी कभी कुख्यात दस्यु सरगना रामगोपाल यादव उर्फ़ गोप्पा (जो अब सलाखों के पीछे कैद है) गैंग का अदना सा सदस्य हुआ करता था और गोप्पा के जेल जाने के बाद भी उसकी यही स्थिति थी लेकिन सरगना बनने की चाहत में उसने गोप्पा के रिश्तेदार डकैत रजउआ को मौत के घाट उतार दिया और खुद गोप्पा गैंग की कमान संभाल ली। इसके बाद उसने यूपी व् एमपी के सीमावर्ती इलाकों में अपना खौफ कायम कर दिया।

पाठा के एक और डकैत का अंत हो गया, बात दीगर है कि इस बार दस्यु सरगना को पाठा की धरती पर नहीं मारा गया बल्कि पड़ोसी जनपद इलाहाबाद के जाबांज पुलिसकर्मियों ने उसे ठिकाने लगाया, डकैत से मुठभेड़ में जाबांज इंस्पेक्टर संजय राय घायल हो गए। इस खूंखार डकैत महेंद्र पासी को जहां चित्रकूट और सतना (मध्य प्रदेश) पुलिस ट्रेस ही करती रह गई वहीं इलाहाबाद पुलिस ने उसे घेरते हुए उसके अंजाम तक पहुंचा दिया।

गोप्पा गैंग का खास सदस्य था महेंद्र

जनपद के रैपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत देसाह गांव निवासी लखपत पासी का पुत्र महेंद्र पासी शुरू से आपराधिक प्रवृत्ति का था। कुख्यात दस्यु सरगना रामगोपाल उर्फ़ गोप्पा का इस इलाके में काफी दखल था। सो उसकी नजर महेंद्र पर पड़ी और उसने उसे गैंग में शामिल कर लिया। गोप्पा के साथ मिलकर उसने हत्या हत्या का प्रयास लूट रंगदारी पुलिस मुठभेड़ अपहरण जैसी कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया और धीरे धीरे वह गोप्पा गैंग का खास सदस्य बन गया। हथियार ऑपरेट करने में महेंद्र गैंग में माहिर माना जाता था।

एके 47 लेकर चलता था

दस्यु महेंद्र पासी अपनी फायर पावर काफी मजबूत रखता था। इसका खुलासा तब हुआ जब इसी वर्ष 1 मार्च को चित्रकूट के मऊ थाना क्षेत्र अंतर्गत दशरथ घाटी जंगल में पुलिस मुठभेड़ के दौरान जंगल से एके 47 राइफल बरामद हुई थी साथ में पुलिस को काफी संख्या में एके 47 की गोलियां भी बरामद हुई थीं। खाकी के भी होश उड़ गए थे कि डकैतों के पास इस तरह के अत्याधुनिक हथियार भी हो सकते हैं। उस मुठभेड़ के बाद दस्यु महेंद्र फिर से अपनी फायर पावर मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक हथियारों के इंतजाम में लगा था।

रजउआ को उतारा मौत के घाट खुद बन गया सरगना

कुख्यात महेंद्र पासी उर्फ़ धोनी सलाखों के पीछे कैद खूंखार दस्यु सरगना रामगोपाल यादव उर्फ़ गोप्पा गैंग का सक्रिय सदस्य रह चुका था। एसटीएफ द्वारा पिछले वर्ष जुलाई में गोप्पा को गिरफ़्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाने के बाद गोप्पा के रिश्तेदार 55 हजार के इनामी डकैत रजउआ ने गैंग की कमान संभाल ली थी। इस दौरान अपहरण के एक मामले में फिरौती की रकम के बंटवारे के विवाद में 80 हजार के ईनामी डकैत महेंद्र पासी ने इसी वर्ष जनवरी में गैंगवार के दौरान उसे (रजउआ) मौत के घाट उतारा था। डकैत रजउआ का नरकंकाल 24 फ़रवरी 2018 को  मानिकपुर के जंगल में पुलिस को बरामद हुआ था। रजउआ को ठिकाने लगाने के बाद अब गोप्पा गैंग का सरदार बन चुका था महेंद्र लेकिन कानून की गोलियों ने उसे भी ठिकाने लगा दिया।

संगीन वारदातों के दर्जन भर से अधिक मुकदमें

दस्यु महेंद्र पासी पर चित्रकूट के मऊ मानिकपुर मारकुंडी रैपुरा बहिलपुरवा थाने में विभिन्न संगीन वारदातों (हत्या हत्या का प्रयास अपहरण लूट रंगदारी पुलिस मुठभेड़) से सम्बंधित दर्जन भर से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के सतना जनपद के भी सीमावर्ती थानों में आधा दर्जन से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। यूपी से दस्यु महेंद्र पर 50 हजार जबकि एमपी से 30 हजार का इनाम घोषित था।जबकि चार अपहरण रीवा जिले के, दो पनवार थाना क्षेत्र से एवं दो डभौरा थाना क्षेत्र के थे।

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