< दो वर्ष बीत जाने के बावजूद कपिल धारा कूप नही हुआ पूर्ण Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News दो लाख रूपये खर्च सिर्फ 15 फिट खोद गया कूप 

दो वर्ष बीत जाने के बावजूद कपिल धारा कूप नही हुआ पूर्ण

दो लाख रूपये खर्च सिर्फ 15 फिट खोद गया कूप 

जिला कलेक्टर से कूप पूर्ण कराये जाने हितग्राही ने लगाई गुहार

ग्राम पंचायत रहुनिया मंे बीस कूप पडे अधूरे, राशि हडप गये जिम्मेवार

बारीकी से जाच होने पर हो सकता है बहुत बडे फर्जीवाडे का खुलासा

जिले में मनरेगा योजना मंे व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है हितग्राहीयोें के कार्य पूर्ण नही हुए उसके बावजूद राशि निकालकर सरंपच, सचिव, उपयंत्री मालामाल हो गये है वही दूसरी ओर हितग्राही कार्य पूर्ण कराने के लिए वर्षो से जनपद पंचायत, जिला पंचायत के चक्कर लगा रहें है इसी प्रकार का मामला पन्ना जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम पंचायत रहुनिया का है जहां पर चुनकाई पिता मनोहर आदिवासी के नाम वर्ष 15-16 मंे कपिलघारा कूप स्वीकृत किया गया था। कूप के लिए 3 लाख 73 हजार की राशि स्वीकृत हुई थी जिसमंे अभी तक लगभग 2 लाख रूपये मटेरियल तथा मजदूरी के नाम पर खर्च कर दी गई। जबकी अभी मात्र 15 फिट कुए की खुदाई हुई है तथा सामग्री के नाम पर कुछ भी कुए में नही लगाया गया है। उसके बावजूद लगभग 1 लाख रूपये का मटेरियल खरीदकर कूप निर्माण मंे दर्शा दिया गया है।

इस प्रकार से राशि खर्च की गई जिसमंे 1 लाख उन्यासी हजार 807, स्वीकृति वर्ष 2015-16, मजदूरी में व्यय - 84957, वालू - 24800, पत्थर - 41250, सीमेन्ट - 28800, 2016 से लगातार चुनकाई कपिलधारा कूप पूरा होने का इंतजार कर रहा है। इस वर्ष पंचायत ने अप्रेल माह में जगत का काम पूरा करके हितग्राही कह दिया गया की काम आपका पूरा हो गया। लेकिन एमआईएस में अभी भी काम पूरा नही हुआ है। लंेकिन 2015 से लेकर 2018 तक कपिलधारा पूरा न होना और जिसमें कोई पैसे की कमी नही है पंचायत का हमेषा यह कहना की पैसे कम हो गये नये स्टीमेंट 2 लाख के है कुआं कैसे खुदवाया जाय लेकिन यहां कई कपिलधारा के कूप है जिसकी स्वीकृति राष 3 लाख रूप्ये से ज्यादा है लेकिन उनकी भी गहराई 15 फुट से ज्यादा नही खोदी जा रही है। न ही हितग्राही को खेदने दिया जाता है। जो हितग्राही अपने से कमा कर रहे है उनका पैसा एवं समय पर मस्टर नही निकल रहंे है।

आपको वता दे की ग्राम पंचायत रहुनिया में 20 से भी ज्यादा कपिलधारा कूप है जो गुणवत्ता विहीन है और अधूरे पड़े हुए है। गरीब हितग्राही दवी जुवान वोलता है लेकिन कोई सुनता नही है। यदि कपिलधारा कूप जो अधूरे पड़े है इनकी जांच हो तो बड़ा खुलासा हो सकता है। इस कुूप निर्माण के विल बाउचर देखे जाये तो अचरज होगा की सीमेन्ट एवं मजदूरी 2017 में क्रय की गई और पत्थर 2018 में क्रय किया गया । ऐसा कही नही हेाता की मजदूर,पहले लग जाये और सीमेन्ट और पत्थर का विल एक वर्ष वाद लगाया जाय । पहला सीमेंन्ट का खेप 66 वोरी का 1.9.17 को खरीदी गई एवं स्टोन का क्रय 14.4.18 को खरीदा गया । आखिरी सीमेंन्ट 24.4.18 में आयी । लेकिन मजदूर अप्रेल या 2018 में लगे ही नही। इस तरह यदि वरीकी से कपिलधारा एवं पंचायत के काम को देखा जाय तो बहुत बड़ा भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है और गरीबो का काम भी समय पर हो सकता है। आज कई कपिलधारा हितग्राही मारे मारे फिर रहे है उनकी न तो पैसा मिल रहा न ही काम हो रहा यह तो मात्र एक उदारण है। इस प्रकार से अनेको हितग्राही चुनकाई की तरह घूम रहें है। जो अपनी वात को जिले तक पहुचा ही नही पा रहे है। और घपले का षिकार हो रहे है।

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