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रिश्तों में दरार तो ये करें उपाए, जिंदगी भी एक इमारत की तरह है

 

दुनिया में लोकल के लोकल बंदों का भी महत्व होता है। ये संसार की इमारत में कहीं ना कहीं लगे रहते हैं। मुझे पता चला कि एक लोकल बंदे ने टिप्पणी की थी कि कहीं ये फिल्मी पटकथा तो नहीं .... वगैरा वगैरा। फिर लोकल्टी का लोकल शहंशाह आया , वह जो बोला कि यह "कापी - पेस्ट " हो सकता है। समझिए मैं ही नहीं हर शख्स क्रोधित हो सकता है और उससे ज्यादा ऐसे नफरती चिंटुओ पर लाचारी का एहसास होता है। अंतस की आवाज हेतु दो लोगों की यह कश्मीरी पत्थर बाजों जैसी टिप्पणी पीएम नरेन्द्र मोदी की भाषा में सीढ़ियों का काम कर रही है। किन्तु मैं अपने पूर्व की यात्रा पर निकल पड़ा और स्वयं को महाराष्ट्र के पुणे में महसूस करने लगा। धनलक्ष्मी बिल्डर्स की वो सनफ्लावर साइट , जहाँ एक खंडहर में खूबसूरत बिल्डिंग खड़ी की जाती है। मजदूरों की मेहनत और प्रोफेशनल वर्क से एक खूबसूरत बिल्डिंग खड़ी हो जाती है परंतु ये क्या ? , इतनी प्यारी इमारत में क्रैक आने लगे ? जगह-जगह से दीवारों में क्रैक दिख रहे थे।

अमुमन न्यू कंस्ट्रक्शन में ऐसा होता है। एक प्रक्रिया के तहत इमारत में आए क्रैक पर क्रैकशील भरी जाती है। प्रत्येक क्रैक पर कुछ लोग क्रैकशील भरते हैं फिर वापस डेटिंग - पेंटिंग होती है। इमारत पुनः खूबसूरत दिखने लगती है। जिंदगी भी एक इमारत की तरह है। यहाँ मित्रता में क्रैक आ जाते हैं तो फीलिंग्स वाली क्रैकशील से दरारें भरी जा सकती हैं। किन्तु ईंटा - गारा वाली इमारत और जिंदगी की इमारत में इतना फर्क है कि कभी कुछ लोग जन्मजात दुश्मन हुआ करते हैं। उनके स्वभाव में ही दुश्मनी के भाव जन्मे रहते हैं और कुछ ऐसे देखे गए कि बगल वाले की सफलता से बगल वाला पाकिस्तान हो जाता है और बेजा ही सीजफायर का उल्लंघन करता है। ये लोग सर्जिकल स्ट्राइक से ही सुधरा करते हैं।

हाँ जिंदगी की अपनी अलग थ्योरी है। इसलिये फीलिंग्स से रिलेशन के क्रैक भरे जा सकें तो भर लीजिए अन्यथा कुछ क्रैक ऐसे हो जाते हैं कि वे कभी भरे नहीं जा सकते। अतः कुछ मित्रों और रिश्तों को अपनी जगह पर स्थाई कर आगे यात्रा पर बढ़ जाना चाहिए। मैंने ऐसा ही किया कि जो बचपन से ही चिढ़ रहे हों और जो कर्म से जागृत हुई सफलता से जिंदगी की कचहरी में गंदा काला कोट पहनकर अंदर ही अंदर जलता हो , उसकी जिंदगी की वकालत कैसे सफल हो सकती है ? उचित सलाह ट्रक के पीछे अक्सर लिखी देखी जाती है , कृपया उचित दूरी बनाए रखें और जगह मिलने पर पास दिया जाएगा। कृपया उचित दूरी बनाए रखें और पास देकर सुगम जिंदगी जिएं। क्योंकि क्रैक तो भरने से रहे।

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