< मशीनों को इंसानों से भी तेज बनाने की मुहिम शुरू Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News बुद्धि मनुष्यों का प्रमुख गुण है। हमारी सभ्यता ने जो कुछ भी उपलब"/>

मशीनों को इंसानों से भी तेज बनाने की मुहिम शुरू

बुद्धि मनुष्यों का प्रमुख गुण है। हमारी सभ्यता ने जो कुछ भी उपलब्धियां हासिल की हैं, वे मनुष्य की बुद्धि का ही नतीजा है। फिर चाहे आग के इस्तेमाल में महारत हासिल करना हो, अनाज उपजाना हो, पहिये का आविष्कार हो या मोटर इंजन का आविष्कार। इन सबके पीछे जिस एक चीज की भूमिका है, वह है मनुष्य की बुद्धि। यही इकलौती चीज है, जो हमें अन्य जीव-जन्तुओं से अलग करती है।

बुद्धि की मदद से ही मनुष्य विभिन्न जानवरों का और विभिन्न मशीनों का अपने हित के इस्तेमाल करता है। अब तक जितनी भी मशीनें बनी हैं, वे पहले से निर्धारित काम को करती है। चाहे वह कारखाने हों, मोटर गाड़ी हो या कंप्यूटर हो। लेकिन अब मनुष्यों ने अपनी बुद्धि की मदद से ही मशीनों को बुद्धिमान बनाने में कामयाबी हासिल कर ली है। हालांकि यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में ही है, लेकिन इसके क्रांतिकारी नतीजे सामने आने शुरू हो गए हैं।

मसलन, वाहन निर्माण, बैंकिंग और आईटी क्षेत्र में इसका बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वैश्विक बाजार 62.9 फीसदी दर से बढ़ रहा है। सेल्फ ड्राइविंग कार, चैटबॉट, पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित होते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दुनिया भर में अध्ययन तेज हुए हैं और इसमें भारी निवेश किया रहा है। सेल्फ ड्राइविंग कारों का निर्माण हो या गो कम्प्यूटर का निर्माण जो किसी मानव खिलाड़ी को आसानी से हरा सकता है। आईबीएम कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस डीप ब्ल्यू कंप्यूटर ने कास्परोव को शतरंज में हराया था, तो गूगल के अल्फागो ने मानव को एक कंम्प्यूटर बोर्ड खेल गो मे हराया था। तो आर्टिफिशियल ब्रेन में इतनी क्षमता हो सकती है कि वह मनुष्य से भी आगे निकल जाए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में यह ताकत भी है इससे हम गरीबी और बीमारी को खत्म करने का लक्ष्य भी प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि सच यह भी है कि अगर हमने इसके जोखिम से बचने का तरीका नहीं ढूंढ़ा, तो सभ्यता खत्म भी हो सकती है।

तमाम फायदों के बावजूद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अपने खतरे हैं। इसकी मदद से शक्तिशाली स्वचालित हथियार बन सकते हैं या फिर ऐसे डिवाइस, जिनके सहारे चंद लोग एक बड़ी आबादी का शोषण कर सकें। यह अर्थव्यवस्था को भी बड़ी चोट पहुंचा सकती है। यह भविष्य में मशीनों को मनुष्य के नियंत्रण से आजादी दिला सकता है, जिसका हमारे साथ संघर्ष हो सकता है।

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