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कागजों में चल रही संक्रामक रोग निरोधक टीम

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय बांदा में संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है। नियंत्रण कक्ष के लिए जगह न मिलने पर मलेरिया विभाग के दफ्तर में एक गत्ते में कुछ दवाइयां रखकर नियंत्रण कक्ष खोल दिया है। इसमें 8-8 घंटे के लिए तीन टीमें बनाई गई है यह टीमें मात्र कागजों में काम कर रही है।

सीएमओं द्वारा पत्रांक सं0 सीएमओ/सं0 दो0 कार्ययोजना 2018-19 जारी आदेश के अंतर्गत संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है। इसके अंतर्गत तीन सचल दल, चिकित्सा अधिकारी, औषधि तथा वाहन सहित 8-8 घंटे 24 घंटे की तैनाती के आदेश दिये गये है। संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नं0 05192-224872 एवं मोबाइल नम्बर 8005192640 तथा कार्यालय का ई मेल cmobna2017@rediffmail.com है। इस संक्रामक रोग का नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बांदा डा रामनारायण प्रसाद बनाये गये है। नोडल स्टाफ में लाल साहब सिंह सहायक मलेरिया अधिकारी बांदा, राकेश कुमार खरे, स्वा0 पर्य0, कुलदीप दुबे डाटा मैनेजर आई डीएसपी, श्याम मोहन गुप्ता व सुनील कुमार वाहन चालक शामिल है। इसमें तीन टीमें ए, बी, सी बनाई गई है। इनमें ए टीम में डाॅ0 मुइनुद्दीन, हिमकर, महेश कुमार गुप्त व प्रभात कुमार फील्ड वर्कर शामिल है। बी टीम मे डाॅ0 सुनील कुमार चिकित्सा अधिकारी, रमेशचंद्र फील्ड वर्कर व दिव्यांशु सिंह टीन स्मिथ व सी टीम में डाॅ0 स्वर्णकार एमओसीएच राजकुमार मलेरिया निरीक्षक दीपक श्रीवास, रामदेव कुशवंशी फील्ड वर्कर शामिल है। इन टीमों में अलग-अलग दिन अलग-अलग टाइम पर ड्यूटी लगायी गयी है इनमें प्रातः 8 से सांय 4 बजे तक 4 बजे से रात्रि 12 बजे तक और 12 बजे से प्रातः 8 तक की ड्यूटी तय है।

इस सम्बन्ध में नोडल अधिकारी बनाये गये डिप्टी सीएमओ डाॅ0 रामनारायण प्रसाद से बातचीत इस संवाददाता ने की तो उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी सहायक मलेरिया अधिकारी लाल साहब देंगे। जब उनसे बातचीत की गयी तो उन्होंने स्वीकार किया कि गत्तों मे दवाएं रखी है और मलेरिया विभाग से ही नियंत्रण कक्ष संचालित किया जा रहा है। जब उनसे पूछा गया है कि सीएमओ के द्वारा नियंत्रण कक्ष स्थापित करके 8-8 घंटे ड्यूटी निर्धारित करने व नियंत्रण कक्ष संचालित होने की जानकारी तो भेजी गयी है पर सारा मामला कागजों में है न तो यहां डाक्टर है और न टीम में शामिल कोई सदस्य। इस पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि सभी डाक्टर व कर्मचारी आन काल है जहां कोई संक्रामक बीमारी फैलने की जानकारी मिलेगी तो काल करने में 15 मिनट में सभी आ जायेंगे। जबकि टीम में शामिल एक डाक्टर ग्राम लामा में तैनात है। जो 15 मिनट मे नहीं आ सकता है ऐसे ही अन्य कर्मचारियों के हाल है जो तत्काल नहीं आ सकते।

सबसे बड़ी बात यह है कि शासन को भेजी गयी रिपोर्ट से स्पष्ट है कि यहां संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष चल रहा है पर वास्तविकता कुछ और है। स्वास्थ्य विभाग शासन व जनता दोनों को गुमराह कर रहा है।

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