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श्रीमद् भागवत परमहंसों की संहिता: आचार्य नवलेश

मंदाकिनी पूजन व शोभायात्रा के पश्चात कथा प्रारंभ

मुख्यालय के बेडीपुलिया स्थित वरिष्ठ पत्रकार के आवास से श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के प्रथम दिन अंतर्राष्ट्रीय भागवताचार्य नवलेश दीक्षित के सानिध्य में शोभायात्रा निकाली गई। देवगंगा मंदाकिनी से कलशों में जल लेकर गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। अनुष्ठान परायण ज्ञान यज्ञ का विधिवत पूजन-अर्चन के साथ शुभारंभ हुआ। उन्होंने भागवत कथा के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुये कहा कि कथा श्रवण मात्र से मृत्यु को मंगलमय बनाती है।

रविवार को मुख्यालय के बेडीपुलिया स्थित आवास से श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। वरिष्ठ पत्रकार अशोक भारद्वाज सपत्नीक कथा के प्रारंभ में भागवताचार्य नवलेश दीक्षित के सानिध्य में रामघाट स्थित देवगंगा मंदाकिनी में विधिविधान से पूजन-अर्चन किया। तत्पश्चात शोभायात्रा में महिलाए कलश में जल लेकर कथा स्थल भारद्वाज निवास पहुंचीं। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार भारद्वाज सपत्नीक सिर पर भागवत गीता लेकर चल रहे थे। भगवताचार्य ने भागवत ग्रंथ की पूजा कर मौजूद श्रोताओं को कथा का रसपान कराया। कहा कि श्रीमद् भागवत संहिता परमहंसों की संहिता है। जिसमें शुकदेव जैसे योगी ही गोता लगाकर उन मोतियों का चयन करते हैं जो देवताओं को दुर्लभ एवं मानव मात्र को सुलभ है। कहा कि यह परम सौभाग्य है कि ऐसी साधना तपस्थली में विश्व कल्याणर्थ भागवत का मूल पाठ हो रहा हैं। जिस पावन ध्वनि से समस्त वातावरण पवित्र होता है उसे सुन देवलोक में देवता एवं पितृ लोक में मानवों के पूर्वज प्रसन्न होकर परिवार को मंगल आर्शीवाद देते हैं। ऐसे अनुष्ठानों से राष्ट्र का भी अभ्युदय होता है।

अंतर्राष्ट्रीय भागवत कथा प्रवक्ता श्री दीक्षित ने श्रोताओं को समझाकर बताया कि कलियुग ने चारो ओर पैर फैलाकर रखा है। ऐसे में प्रभु कथा एवं नाम संकीर्तन से जुड़े रहना चाहिये। जो फल अन्य युगों में योग, साधना बडे-बडे यज्ञों से मिलता था वह केवल कलियुग में हरिनाम स्मरण से प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि चित्रकूट अनादि है जो भगवान श्रीराम की पावन बिहार स्थली एवं ऋषियों, मुनियों तथा महापुरुषों की साधना स्थली है। यहां आज भी शांति एवं आनंद प्राप्त होता है। यहां पर मुक्ति भी भगवान श्रीराम से अपनी मुक्ति का उपाय पूंछती है। कहा कि चित्रकूट की गैल में मुक्ति पडे बिलखाए, मुक्तिहु पूछै श्रीराम से मेरिहु मुक्ति बताओ। इस दौरान आलोक भारद्वाज एवं श्रीमती पूनम भारद्वाज, श्रीमती सरोज भारद्वाज, कन्हैयालाल भारद्वाज, नीलमणि भारद्वाज आदि ने आरती की। संगीतमयी भजनों को सुनकर भक्त श्रोतागण भावविभोर हो नृत्य करते हुये भक्ति में सराबोर रहे।

About the Reporter

  • राजकुमार याज्ञिक

    चित्रकूट जनपद के ब्यूरो चीफ एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार याज्ञिक चित्रकूट जनपद के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। पत्रकारिता में स्नातक श्री याज्ञिक मुख्यतः सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं।, .

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