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राष्ट्रीय कृमि दिवस में बच्चों को खिलायी गयी एल्र्बेडाॅजोल की गोली

राष्ट्रीय कृमि दिवसः बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थय रखने को जरूर खिलायें एल्र्बेडाॅजोल की गोली

बच्चों को विद्यालयों एवं आंगनबाडी केन्द्रों में खिलायी गयी एल्र्बेडाॅजोल की गोली

मडावरा तहसील क्षेत्र मडावरा के विद्यालयों एवं आंगनबाडी केन्द्रों में राष्ट्रीय कृमि दिवस पर बच्चों को एल्र्बेडाॅजोल की गोली खिलाकर कृमि को जड़ से समाप्त करने का संकल्प दिलाया गया। राष्ट्रीय कृमि दिवस पर कार्यक्रम की शुरूवात उपजिलाधिकारी मडावरा विधेश कुमार ने बच्चों को कृमि नाशक दवा एल्र्बेडाॅजोल  खिलाकर किया। उन्होंने कृमि से बचने हेतु बच्चों को जागरूक करते हुए कृमि से मुक्ति के तरीके तथा कृमि की हानियों के बारे में बताया गया। राष्ट्रीय कृमि दिवस पर बृहद रूप में विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाडी केन्द्र में कृमि मुक्ति हेतु बच्चों को बच्चों को एल्र्बेडाॅजोल की गोली बच्चों को खिलायी गयी।

राष्ट्रीय कृमि दिवस पर उपजिलाधिकारी मडावरा विधेश कुमार ने बच्चों को बताया कि कृमि एक परजीवी होते हैं जो जीवित रहने के लिए मनुष्य की आंत में रहते हैं। बच्चों में आम तौर पर तीन के प्रकार के कृमि पाये जाते हैं प्रथम राउंड कृमि द्वितीय व्हिप कृमि तथा तीसरा हृक कृमि है। बताया कि बच्चों के पेट में कृमि कई कारणों से पहुंच सकते हैं। खण्ड शिक्षा अधिकारी रामगोपाल वर्मा ने बताया कि नंगे पैर खेलने से, बिना हांथ धोये खाना खाने से, खुले में शौच करने से, साफ-सफाई ना रखने से। कृमि संक्रमण चक्र बताते हुए कहा कि संक्रमित बच्चे के शौच में कृमि में अंडे होते हैं। खुले में शौच करने से ये अंडे मिटटी में मिल जाते हैं और विकसित होते हैं। संक्रमण बच्चों में कृमि के अंडे व लार्वा रहते हैं और बच्चों के स्वास्थ्य पर हानि पहुंचाता है। बच्चों के नंगे पैर चलने से, गंदे हांथों से खाना खाने से या फिर बिना ढका हुआ भोजन खाने से लार्वा के संपर्क में आने से संक्रमण हो जाते हैं। कृमि संक्रमण के हानिकारक प्रभाव बताते हुए कहा कि खून की कमी, कुपोषण, भूख न लगना, थकान और बेचैनी, पेट में दर्द, मितली, उल्टी और दस्त आना, मल में खून आना आदि हैं।

बच्चों को कृमि नियत्रंण के फायदे बताते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मडावरा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा0 विशाल पाठक बताया कि सीधे तौर पर खून की कमी में सुधार, बेहतर पोषण स्तर है। इसके साथ ही अनुमानिक तौर पर रोक प्रतिरोधक क्षमता बढाने में मदद, स्कूल और आंगनबाडी केन्द्रों में उपस्थिति तथा सीखने की क्षमता में सुधार लाने में मदद, भविष्य में कार्य क्षमता और औसत आय में बढोत्तरी, समुदाय में अन्य सदस्यों को भी कृमि नियंत्रण की दवाई का लाभ मिलता है क्योंकि वातावरण में कृमि की संख्या कम हो जाती है। राष्ट्रीय कृमि दिवस पर परिषदीय विद्यालयों एवं आंगनबाडी केन्द्रों में एल्र्बेडाॅजोल विद्यालय के सभी बच्चों को कृमि मुक्ति हेतु एल्र्बेडाॅजोल की गोली खिलायी गयी।

इसी प्रकार राष्ट्रीय कृमि दिवस पर सरस्वती मंदिर इण्टर कालेज मडावरा एवं सी0बी0रमन एकेडमी मडावरा में भी बच्चों को जागरूक करने के साथ ही एल्र्बेडाॅजोल की गोली खिलायी गयी। सरस्वती मंदिर इण्टर कालेज मडावरा के प्रधानाचार्य रामसजीवन प्रजापति एवं सी0बी0रमन एकेडमी के प्रधानाध्यापक मदनमोहन पाल ने गोष्ठी के माध्यम से बच्चों को जानकारी भी दी गयी। इस दौरान विद्यालय के आदि उपस्थित रहे।

इस दौरान उपजिलाधिकारी विधेश कुमार, खण्ड शिक्षा अधिकारी रामगोपाल वर्मा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मडावरा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा0 विशाल पाठक, डा0 कुलदीप राजपूत, डा0 प्रदीप वर्मा, डा0 पंकज तिवारी, अनिल कुमार, संतोष त्रिपाठी, मानसिंह अनुदेशक, प्रा0वि0 प्र0अ0 रहनुमाबानों, स0अ0 आरिफ अल्वी, शिक्षमित्र पुरूषोत्तम विश्वकर्मा, इं0प्र0अ0 साधना ताम्रकार, स0अ0 पंकज सेन, सरस्वती मंदिर इंटर कालेज के प्रधानाचार्य रामसजीवन प्रजापति, शंभूदयाल वर्मा, रामकिशोर शुक्ला, संतोष कुमार, हरिशरण, मानसिंह, रामेश्वर सिंह, इन्द्रपाल सिंह, अखिलेश, ध्रुव विश्वकर्मा, खिलावन सिंह, राहुल, चुन्नीलाल, सी0बी0 रमन एकेडमी के प्रबंधक सुमित विश्वास, पुष्पेन्द्र सिंह, प्रधानाचार्य मदनमोहन पाल, अंजलि जैन, ज्योति जैन, रूचि रावत, हिमांशी जैन, अन्नपूर्णां, सोनी, पूजा जोशी, प्रीति साहू, महेंन्द्रपाल, मुस्कान जैन, करिश्मा, अखिलेश, रावसाहब आदि उपस्थित रहीं।

 

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