फीस वृद्धि के खिलाफ बुन्देलखण्ड के छात्रों में उबाल, कुलपति का फूंका पुतला

फीस वृद्धि के खिलाफ बुन्देलखण्ड के छात्रों में उबाल, कुलपति का फूंका पुतला

बांदा बुन्देलखण्ड, विश्वविद्यालय द्वारा फीस वृद्धि को लेकर बुन्देलखण्ड के छात्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है । आक्रोशित छात्रों ने आज बुन्देलखण्ड,छात्र संगठन के प्रमुख लव सिन्हा के नेतृत्व में फीस वृद्धि का फैसला वापस न लेने पर विरोध जताते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए संगठन के पदाधिकारी अभय प्रताप सिंह के आवास में दहन किया।

विश्वविद्यालय द्वारा की गई फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग बुन्देलखण्ड, छात्र संगठन द्वारा पिछले कई दिनों से की जा रही है, इसके लिए लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए अपने तरीके से विरोध जताया रहे हैं इसके बाद भी इस और बुन्देलखण्ड, विश्वविद्यालय के कुलपति का ध्यान आकर्षित नहीं हो रहा है। कुछ दिनों पहले छात्र नेता लव सिन्हा अभय प्रताप सिंह व शैलेंद्र वर्मा  द्वारा अपने खून से लिखा हुआ पत्र  राज्यपाल एवं कुलपति को भेजा गया था।  साथ ही एक दिन का धरना भी दिया था।  परंतु अभी तक उसमें कोई भी निर्णय नहीं लिया गया न ही कोई जवाब दिया गया और फीस वृद्धि का फैसला भी वापस नहीं लिया गया। जिससे बुन्देलखण्ड, के छात्रों पर निराशा छा गई है। परंतु बुन्देलखण्ड, छात्र संघर्ष संघ बुन्देलखण्ड, विश्वविद्यालय के इस मुद्दे पर लगातार विरोध करता रहा है। इस बारे में  संगठन के पदाधिकारी अभय प्रताप सिंह ने कहा कि बुन्देलखण्ड, विश्वविद्यालय के कुलपति छात्र नेताओं को सडक पर आने के लिए मजबूर कर रहे हैं क्योंकि उनकी मंशा फीस वापसी की बिल्कुल भी नहीं है और तमाम छात्र संगठनों द्वारा लगातार उनका विरोध किया जा रहा है फिर भी वो कोई भी निर्णय लेने के लिए तैयार नहीं है बल्कि संगठनों को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं। एक तरफ कोविड-19 के मरीज बढ़ते चले जा रहे हैं रोजगार घटता चला जा रहा है, बेरोजगारी बढ़ रही है किसानों मजदूरों को अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए पैसे अब नहीं बचे हैं और उसके ऊपर से बुन्देलखण्ड, विश्वविद्यालय के कुलपति छात्रों की फीस 20 प्रतिशत से 90 प्रतिशत बढ़ाकर छात्रों को शिक्षा से वंचित कर रहे हैं। हमारी लड़ाई आखरी सांस तक रहेगी। जब तक बुन्देलखण्ड, विश्वविद्यालय के कुलपति अपने फीस वृद्धि के फैसले को वापस नहीं ले लेते।

इसी कडी में आज संगठन के पदाधिकारियों द्वारा बुन्देलखण्ड, विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला दहन करके विरोध दर्ज कराया है।  हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी तो फिर सडक में आकर भी लड़ाई लड़ने का कार्य करेंगे।  इस मौके पर अभय प्रताप सिंह लव सिन्हा, शैलेंद्र वर्मा,  यश राज गुप्ता, सुशील द्विवेदी ,नन्ना तिवारी, हर्ष पांडे रवि तिवारी राहुल नामदेव भूपेंद्र यादव आनंद निषाद भूपेंद्र निषाद अनमोल यादव कृष्णा यादव उमेश चंदेल हरि ओम आदि पदाधिकारी शामिल रहे ।

क्या है मामला 

बुन्देलखण्ड, विश्वविद्यालय झांसी में एक दर्जन से अधिक प्रोफेशनल का और गैर प्रोफेशनल कोर्सेज की पढ़ाई होती है।महोबा, बांदा हमीरपुर,उरई,ललितपुर, जालौन सहित आसपास के आधा दर्जन जिलों के सैकड़ों डिग्री कॉलेज इस विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड, के हिस्से के छात्रों के लिए यह विश्वविद्यालय एक अच्छा और बड़ा विकल्प है। अधिकांश छात्र इसी विश्वविद्यालय से संबंध महाविद्यालय में पढ़ना पसंद करते हैं।
बुन्देलखण्ड,विश्वविद्यालय ने नए सत्र का एकेडमिक कैलेंडर जारी किया और इस सत्र में 20 से 90  फीसदी  फीस बढ़ोतरी की, फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों में आक्रोश है और सोशल मीडिया पर लगातार विश्वविद्यालय के इस फैसले का विरोध भी कर रहे हैं।

छात्र कहते हैं

विश्वविद्यालय में लगभग 9000 छात्र पढ़ते हैं और इनमें से अधिकतर छात्र बुन्देलखण्ड, क्षेत्र से आते हैं बुन्देलखण्ड, क्षेत्र पिछड़े इलाके में से हैं यहां अधिकतर लोग खेती पर आश्रित हैं और हमारे अभिभावक भी खेती मजदूरी कर के ही हमारी फीस जमा कर पाते हैं ऐसे में विश्वविद्यालय की फीस में इतना भारी इजाफा का बोझ कैसे उठा पाएंगे। साथ ही यह भी कहा कोरोना जैसी महामारी के समय हमारे अभिभावक आर्थिक रूप से परेशानी से जूझ रहै है।ऐसे समय में बुन्देलखण्ड,विश्वविद्यालय का फीस में बढ़ोतरी करना बहुत ही गलत कदम साबित हो सकता है। 

बढ़ाई गई फीस

आर्थिक तौर पर पिछड़े बुन्देलखण्ड, क्षेत्र के छात्र वर्तमान कोरोना महामारी के दौरान बढ़ाई गई  फीस परेशान है क्योंकि नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए सभी कोर्सेज में 20 से 90 फ़ीसदी तक ज्यादा फीस देनी पड़ेगी।जैसे बी टेक की सालाना फीस ₹67050 थी जिसे 2020- 21 के नए सत्र में बढ़ाकर 85000 कर दी गई है।इसी तरह एमएससी कृषि जिसमें फीस 31000 थी जो बढ़कर 42,000 हो गई। बीएएलएलबी( इंटीग्रेटेड) की फीस पहले 16050 रुपये थी जिसे बढ़ाकर दोगुना कर 30,,250 कर दी गई है। इस तरह अन्य विषयों की फीस में वृद्धि की गई है।